ब्राह्मणी तू बाण माता , जगदम्बा भवानीह ।
तू देवी चित्तोड़ धणी , सेवा करे सिसोदिह ।।
बप्पा बाळक आपरो , चाले नित थारी राह ।
गढ़ जीत्या मोकळा , बणायो चित्तोड़ मंदराह ।।
बप्पा बलपत महावीर , झुकिया कद नाह ।
आई बेल ब्राह्मणी , राखी छत्र चाह ।।
भवानीह माँ भगवती , भव्याह भगवत भाण ।
या देवी बायण माँ , सेवा करे नित राण ।।
दरश दीजो उपरकार करो , आईज इक चाह ।
भक्तिं करू भय हिन भयी , राखो चरणा माह ।।
भजियो जिण भव सु , बायण थारो नाम ।
कीरत भयी चहु ओर में , बणिया बिगड़िया काम ।।
संकट सुमरो सेवको , बायण दौड़ी आय ।
महेंद्र सिंह शरण में थारी , चरणा सुख पाय ।।
श्री बाण माताजी भक्त मण्डल जोधपुर का मुख्य उद्देश्य श्री बाण माताजी का इतिहास, दोहे, श्लोक भजन, मंदिरों की जानकारी एवं बाण माताजी के चमत्कारों को जन-जन तक पहुँचाना हैं।
Monday, 2 November 2015
Shree Ban Mataji Or Bappa Rawal
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
कुलदेवता श्री सोनाणा खेतलाजी का संक्षिप्त इतिहास
सोनाणा खेतलाजी का सक्षिप्त इतिहास- भक्तों चैत्र की शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि हैं वैसे तो पुरे भारत वर्ष में आज से नवरात्रि शुरू होंगे लेकिन ...
-
◆ ॐ कुलमाताय नमः ◆ ◆ ॐ श्री बाण माताय नमः ◆ 👉 श्री बाण माताजी चालीस 👈 ● दोहा :- श्री गुरु चरण नमन कर, लेखिनी निज कर धारी ...
-
सुर , संत , शूरवीरों की धरती राजस्थान में देवियों की पूजा का विशेष महत्व हैं । कुल की रक्षा एवम् पालन पोषण करने वाली देवी कुलदेवी कहलाती हैं...
-
श्री ब्राह्मणी माता चालीसा दोहा कोटि कोटि निवण मेरे माता पिता को जिसने दिया शरीर बलिहारी जाऊँ गुरू देव ने, दिया हरि भजन में सीर ॥ १ ॥ श...
सुंदर
ReplyDeleteअति सुंदर
This comment has been removed by the author.
ReplyDeleteसुंदर
ReplyDeleteअति सुंदर