Tuesday, 27 October 2015

श्री ब्राह्मणी माताजी और भेरूजी चित्तोड़

श्री ब्राह्मणी माताजी चित्तौड़गढ़
जहां माँ बायण अपने बेटे श्री खेतलाजी महाराज के साथ बिराजमान है ...
चित्तोड़ माँ बायण के दर्शन के लिए पधारो तो माँ के साथ खेतलाजी प्रभु के दर्शन करना जरुरी है , नही तो माँ हमारी फेरी को नही मानते ।
यह एक प्राचीन स्थल है जहां भेरूजी माँ के साथ में बिराजमान है ।

सिसोदिया वंश चौबीस शाखाऒ का स्थान  और जूना खेतलाजी का स्थान
चित्तोडिया भेरू जी
काल भेरूजी
रक्तियां भेरूजी
व् राज घराने के भेरूजी यहाँ विराजमान हैं ।

जय माँ बायण जय एकलिंग जी जय खेतलाजी

श्री बाण माताजी की विशाल भजन संध्या माँ के आशीष से सफल रही

25/10/2015 को माँ बाणेश्वरी के पाट स्थान चित्तौड़गढ़ में " श्री बाण माताजी भाईपा ग्रुप , माली समाज , बालोतरा " द्वारा आयोजित विशाल भजन सँध्या माँ बायण , खेतलाजी प्रभु और प्रभु एकलिंग जी की कृपा से सफल हुई ।
माँ बायण के दरबार में माँ बायण के भजनों की प्रस्तुति " रामेश्वर माली एण्ड पार्टी " और राजेश पंवार बालोतरा  द्वारा दी गई ....
हजारो की संख्या में भक्त बालोतरा , जोधपुर , सूरत मुम्बई आदि जगह से पधार कर माँ बायण का आशीष प्राप्त किया ।

" चित्तौड़गढ़ रे मायने , मंदिर बणियो बायण जोर ।
कोयलिया टहुकॉ करे , जठे मीठा बोले मोर ।।

जय माँ बायण जय खेतलाजी महाराजा जय एकलिंग नाथ जी

Sunday, 25 October 2015

Shree Ban Mataji Ghanerao

श्री ब्राह्मणी माताजी घाणेराव
#आज के दर्शन
गढ़ गणा आप बिराजिया , गोडवाड़ घाणेराव ।
दुखियो दुःख दूर करणने , ब्राह्मणी सु जणाव ।।

( तस्वीर में माँ के लाड़ले भक्त श्री प्रदीप जी सिसोदिया )

Saturday, 24 October 2015

Shree Ban Mataji Ujaliya ( Near Mathaniya , Jodhpur , Raj.)

श्री बाण माताजी के भक्तो का संघ पहुँचा माँ बायण के उजलिया ( जोधपुर , राज.) मंदिर में
श्री बाण माताजी के इस प्राचीन मंदिर में श्री बायण माता जी एक गुफा में विराजमान है , मंदिर के एक तरफ रेतीले टीले है तो एक तरफ पहाड़ ।
माँ की महिमा भारी है
उजलिया जोधपुर जिला के मथानिया के करीब आता है , मंदिर किसने और कब बनाया इसका तो कोई प्रमाण नही है लेकिन मंदिर में विराजमान श्री बाण माताजी के मूरत और मंदिर को देख कर पता लगाया जा सकता है कि यह मंदिर कितना प्राचीन है ।
जल्द ही हम माँ बायण की कृपा से माँ के इस भव्य मंदिर का सम्पूर्ण इतिहास आप सभी भक्तो तक जल्द ही पहुचाएंगे ।

धोरा धणीयाणि आज कहवा गई , मेवाड़ धनियाणि मात ।
उजलिया मंदिर मन मोवणो , मरवाड़ में विख्यात ।।

बायण म्हारा थे सर धणी , अर मैं बायण रो दास ।
पल पल करू विणती , बसो हमारे पास ।।

जय माँ बायण जय एकलिंग जी जय खेतलाजी

Shree Ban Mataji Kavita 3

ध्यावु थाने धणियाणि , आजो म्हारे आज ।
रेजो रात आज री , केसु मन रो राज ।।

सुणो सेवक री तारिणी , कह रह्यो लालो बात ।
तू धणियाणि चित्तोड़ री , बायण सु विख्यात ।।

रेजो अजूणि रात रा , सिड़ा स्यु अंगियो काँछळी ।
पाटण पटोला लाइने , संग ल्यावो चुंदड़ी पिळी ।।

कोढ़ करी ओढ़ावु माँ , ओढ़ो थे धणियांणी ।
कसुम्बल तारा वाळी चुंदड़ी , अति शोभे कल्याणी ।।

रेवो रात आज री , रंदाऊ सिरो लापसी ।
आठम रात उजाळि , भक्त हाथा सु जिमावसी ।।

काना कुंडल लावसु , पायल पगल्या माय ।
नाक  नथ  शोभती , बिंदी ललाड़ माय ।।

चुड़लो हाथा सोवणो , गजदन्त सु देवु बणाय ।
सेवकीयो शरण में , महेंद्र सिंह सु जणाय ।।

अनुराधा बेटी आप री , कर रही नित गुणगाण ।
प्रदीप परम् भक्त आपरा , जय हो चित्तोड़ धणियांण ।।

जय माँ बायण जय एक्लिंग जी जय खेतलाजी

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